Sharnam

Sharnam Yoga is not any religion but a way of living. It aims for a healthy mind in a healthy body. Our Guiding Mantra: "Be Good. Do Good." You're feeding a hungry soul.

Join the Susharnam Movement – Where Every Breath Becomes a Blessing

At Susharnam, we’re not just teaching yoga—we’re nurturing lives, healing hearts, and building a more compassionate world. We are a purpose-led community where your journey to inner peace becomes someone else's path to survival. More Than a Practice – A Mission with Heart
Every session you attend, every retreat you join, becomes

a ripple of positive change. A large part of what we earn doesn’t stay with us—it flows directly into serving those who are often forgotten. This simple yet profound truth shapes everything we do. Whether it's a yoga posture or a plate of food offered to a soul in need, every act at Susharnam carries the intention of love, care, and upliftment.


---

What We’ve Done Together (And You Can Be a Part Of It):

🌿 Healing Through Yoga:
We’ve brought free yoga sessions to over 200 de-addiction centers across the nation—offering not just exercise, but hope, discipline, and self-belief to those battling their inner demons.

🏠 Home for the Forgotten:
A significant part of our earnings is dedicated to the care of mentally challenged individuals who have no one else. From shelter and food to emotional care, we strive to give them dignity and love.


---

Why You Matter
When you join a Susharnam workshop or retreat, you're not just transforming your body and mind—you’re becoming a lifeline for someone else. You're sheltering someone without a home. You're healing wounds you may never see—but that matter deeply.


---

This is your invitation—
To be more than a . To be more than a . To be a catalyst for change. Come, walk this path with us. Together, let’s breathe love. Let’s live compassion. Let’s be .

29/06/2026

मुंबई... जिस शहर को कभी देश का सबसे सुरक्षित शहर कहा जाता था, आज वहां एक 22 वर्षीय युवक की जान सिर्फ एक मामूली बहस की वज...
25/06/2026

मुंबई... जिस शहर को कभी देश का सबसे सुरक्षित शहर कहा जाता था, आज वहां एक 22 वर्षीय युवक की जान सिर्फ एक मामूली बहस की वजह से ले ली गई।

मयंक लोहार चर्चगेट नालासोपारा लोकल में सफर कर रहा था। तेज बारिश के बीच फर्स्ट क्लास डिब्बे का दरवाज़ा बंद करने को लेकर शुरू हुई एक छोटी सी कहासुनी देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गई। आरोपी ने बैग से चाकू निकाला और मयंक के पेट में घोंप दिया।

सबसे शर्मनाक बात यह है कि हत्यारा ट्रेन रुकने से पहले ही फरार हो गया और एक युवा जिंदगी अस्पताल पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई।

सवाल सिर्फ मयंक की हत्या का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है जहां लोग खुलेआम घातक हथियार लेकर घूम रहे हैं। सवाल उस कानून व्यवस्था का है जिसका डर अपराधियों के दिल से खत्म होता जा रहा है।

अगर आज हम चुप रहे, तो कल किसी और मयंक की जान जाएगी। शायद वह किसी और का बेटा, भाई या दोस्त नहीं, बल्कि हमारा अपना होगा।

अपराधियों के हौसले तब बढ़ते हैं जब समाज खामोश रहता है। अब वक्त आ गया है कि हम इस बढ़ती हुई अराजकता और कानून के प्रति बेखौफ होते अपराधियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

25/06/2026

20/06/2026

जब भगवान के दर्शन भी वीआईपी और सामान्य कतारों में बंटने लगें, तो सवाल सिर्फ व्यवस्था का नहीं, हमारी आस्था और धर्म की दिशा का भी है।

क्या ईश्वर तक पहुंचने के लिए भी विशेष सुविधा और पैसे की जरूरत होनी चाहिए?

अपनी भक्ति में भेद नहीं होना चाहिए, क्योंकि भगवान के दरबार में सभी समान हैं।

🙏 आप दर्शन कैसे करते हैं — श्रद्धा से या सुविधा के आधार पर?
#धर्म #आस्था #सनातन #विचार

हमारा जीवन एक लंबे सफर की तरह है…एक ऐसा सफर, जो कब धीरे-धीरे बीत जाता है, पता ही नहीं चलता।इस यात्रा में हम न जाने कितने...
28/05/2026

हमारा जीवन एक लंबे सफर की तरह है…
एक ऐसा सफर, जो कब धीरे-धीरे बीत जाता है, पता ही नहीं चलता।

इस यात्रा में हम न जाने कितने लोगों से मिलते हैं…
कुछ लोग थोड़ी दूर तक साथ चलते हैं,
तो कुछ पूरी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।

कुछ के साथ सफर बहुत सुखद होता है,
तो कुछ के साथ दर्द, संघर्ष और कड़वे अनुभव भी मिलते हैं।

इस जीवन यात्रा में
माँ-बाप, भाई-बहन, पति-पत्नी और बच्चे…
ये वो रिश्ते हैं जो अक्सर हमारे साथ सबसे लंबी दूरी तक चलते हैं।
फिर आते हैं रिश्तेदार, दोस्त, परिचित…
और कभी-कभी दुश्मन भी।

लेकिन क्या हमने कभी रुककर यह सोचा है
कि आखिर ये लोग हमें मिलते ही क्यों हैं…?

क्यों कुछ लोग पहली मुलाकात में ही अपने से लगने लगते हैं,
और कुछ से वर्षों साथ रहने के बाद भी अपनापन नहीं बन पाता…?

क्यों किसी अनजान इंसान के मिल जाने से मन खुश हो जाता है,
और किसी दूसरे अनजान व्यक्ति से बिना वजह बेचैनी होने लगती है…?

क्यों हमें यही माता-पिता मिलते हैं…
यही भाई-बहन…
यही जीवनसाथी…?

क्यों किसी से लाख कोशिशों के बाद भी दोस्ती नहीं हो पाती,
और किसी से बिना किसी स्वार्थ के गहरा रिश्ता बन जाता है…?

क्यों कोई अचानक हमारी जिंदगी में आकर घाव दे जाता है,
और कोई अजनबी बिना किसी कारण मदद करके चला जाता है…?

कभी-कभी मन कहता है…
शायद इस जीवन का हर रिश्ता केवल इस जन्म का नहीं होता।

शायद ये सभी लोग —
हमारे पुराने जन्मों से जुड़े हुए वो आत्मीय साथी हैं,
जिनसे हमारी आत्मा का कोई अधूरा हिसाब जुड़ा होता है।

कोई प्रेम लौटाने आता है,
कोई दर्द…
कोई अधूरा साथ पूरा करने,
तो कोई पुराने कर्मों का ऋण चुकाने।

शायद इसलिए कुछ लोग अचानक मिलते ही अपने लगने लगते हैं,
और कुछ लाख कोशिशों के बाद भी दिल के करीब नहीं आ पाते।

कई बार हम कहते हैं —
“काश तुम पहले मिल गए होते…”

और कई बार दुख में यह भी कह देते हैं —
“भगवान जाने मैंने कौन से कर्म किए थे, जो तुम मिल गए…”

लेकिन शायद हर मुलाकात का एक निश्चित समय होता है।

कई लोग हमारी नजरों के सामने होते हैं,
फिर भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाती…
और फिर एक दिन, नियति अचानक उन्हें हमारे जीवन का हिस्सा बना देती है।

शायद यही जीवन का रहस्य है…

हम इस यात्रा में किसी को चुनते नहीं,
बल्कि आत्माएँ समय आने पर एक-दूसरे से मिलती हैं।

और फिर…
कुछ दूर साथ चलकर,
अपना कर्म, अपना प्रेम, अपना ऋण पूरा करके
फिर किसी मोड़ पर बिछड़ जाती हैं।

यही जीवन है…
एक रहस्यमयी यात्रा…
जहाँ हर मिलने वाला व्यक्ति
सिर्फ इंसान नहीं,
बल्कि हमारी आत्मा की किसी अधूरी कहानी का हिस्सा होता है।

☕ एक नई स्टडी ने साबित किया है कि कॉफी सिर्फ आपके मूड को ही नहीं, बल्कि आपकी बॉडी की एजिंग को भी प्रभावित कर सकती है।और ...
08/12/2025

☕ एक नई स्टडी ने साबित किया है कि कॉफी सिर्फ आपके मूड को ही नहीं, बल्कि आपकी बॉडी की एजिंग को भी प्रभावित कर सकती है।
और यह असर खास तौर पर उन लोगों में देखा गया है जो गंभीर मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं—
जैसे स्किज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर या साइकोसिस के साथ डिप्रेशन।

---

🔍 स्टडी में क्या पाया गया?

रिसर्च के अनुसार—
जो लोग रोज़ 3 से 4 कप कॉफी पीते हैं, उनके अंदर टिलोमियर लंबाई (Telomere Length) ज़्यादा पाई गई।
टिलोमियर वह मार्कर होता है जिससे पता चलता है कि शरीर जैविक रूप से कितना तेज़ या धीमा बूढ़ा हो रहा है।

📌 जितने लंबे टिलोमियर, उतनी स्लो एजिंग!

---

✨ कॉफी पीने का फायदा कितना?

कॉफी पीने वाले प्रतिभागियों में यह असर इतना मजबूत था कि—
उनकी बायोलॉजिकल एज लगभग 5 साल कम पाई गई, उन लोगों की तुलना में जो कॉफी बिल्कुल नहीं पीते।

मतलब —
शरीर अंदर से लगभग 5 साल “युवा” नजर आया।

---

⚠️ लेकिन ध्यान रहे—

यह फायदा सिर्फ 3–4 कप कॉफी तक सीमित था।
इससे ज़्यादा कॉफी पीने पर ऐसा असर नहीं मिला।

---

अगर संतुलित मात्रा में कॉफी पी जाए तो यह न सिर्फ मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकती है।
हालांकि यह प्रभाव खासकर गंभीर मानसिक बीमारियों वाले मरीजों में ज्यादा स्पष्ट देखा गया है।

🌾 पूजा में चावल ही क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए 5 खास कारण 🌼क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा में हमेशा चावल (Akshat) ही क्यो...
07/12/2025

🌾 पूजा में चावल ही क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए 5 खास कारण 🌼

क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा में हमेशा चावल (Akshat) ही क्यों प्रयोग किया जाता है, गेहूं क्यों नहीं?
इसके पीछे बहुत सुंदर और गहरा कारण है… ✨

---

✅ 1. चावल शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है

चावल को पूर्णता, पवित्रता और prosperity का चिन्ह माना जाता है, इसलिए पूजा में इसका उपयोग बेहद शुभ माना जाता है।

---

✅ 2. Rice = Akshat (अखंड, जो टूटे नहीं)

संस्कृत में चावल को अक्षत कहा गया है।
अर्थ — जो टूटे नहीं।
इसीलिए इसे भगवान को अर्पित करना पवित्र माना जाता है।
गेहूं पिस जाता है, टूट जाता है — इसलिए अक्षत नहीं माना जाता।

---

✅ 3. चावल जल्दी positive vibrations को absorb करता है

माना जाता है कि rice divine ऊर्जा और आशीर्वाद को तेजी से धारण करता है, इसलिए यह पूजा का मुख्य हिस्सा है।

---

✅ 4. लंबे समय तक बिना खराब हुए सुरक्षित रहता है

मंदिरों और धार्मिक समारोहों के लिए rice को store करना आसान है।

---

✅ 5. Practical और symbolic दोनों रूप से perfect

छोटे, हल्के और छिड़कने में आसान—
Tilak, मंत्रोच्चार, कलश पूजा, आशीर्वाद—हर जगह rice का उपयोग सुविधाजनक है।

---

In today’s fitness culture we spend so much money on fancy protein powders, but interestingly, “Sattu” — our traditional...
05/12/2025

In today’s fitness culture we spend so much money on fancy protein powders, but interestingly, “Sattu” — our traditional roasted gram flour — is becoming a trending natural protein drink in the United States.

People are loving it because it’s clean, wholesome, and 100% natural.

Sattu not only boosts strength and stamina but also supports digestion far better than many commercial protein supplements—and that too without any side effects.
Once known as the go-to food for wrestlers, this simple powerhouse is now being recognized as one of the most affordable and effective sources of real energy.


🌎 Chicxulub Crater: वह विशाल गड्ढा जिसने डायनासोर का अंत कर दियादुनिया के इतिहास में 66 मिलियन साल पहले एक ऐसा हादसा हुआ...
23/11/2025

🌎 Chicxulub Crater: वह विशाल गड्ढा जिसने डायनासोर का अंत कर दिया

दुनिया के इतिहास में 66 मिलियन साल पहले एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पृथ्वी का चेहरा बदल दिया। मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप (Yucatán Peninsula) में एक “अदृश्य लेकिन विशाल” गड्ढा है — Chicxulub Crater — जिसे वैज्ञानिक पृथ्वी का सबसे विनाशकारी प्रभाव स्थल मानते हैं।

यह वही जगह है जहाँ वह विशाल क्षुद्रग्रह (asteroid) टकराया था जिसकी वजह से डायनासोर समेत पृथ्वी की 75% प्रजातियाँ खत्म हो गईं।

---

🪐 Chicxulub Crater क्या है?

यह एक impact crater यानी क्षुद्रग्रह/उल्का के टकराने से बना विशाल गड्ढा है।

इसका व्यास लगभग 180 किलोमीटर (180 km wide) है।

यह ज्यादातर भूमि के नीचे दबा हुआ है, इसलिए यह जमीन पर नजर नहीं आता।

यह लगभग 66 मिलियन साल पुराना है।

---

☄️ कैसे बना यह गड्ढा?

लगभग 66 मिलियन साल पहले, लगभग 10–12 किलोमीटर चौड़ा एक asteroid 70,000 किमी/घंटा की गति से पृथ्वी से टकराया।
टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि—

विस्फोट की ऊर्जा 10 अरब परमाणु बमों के बराबर थी।

आसपास का तापमान कुछ सेकंड में हजारों डिग्री तक पहुँच गया।

वैश्विक आग, सुनामी और धूल के बादल पूरे ग्रह पर फैल गए।

सूरज की रोशनी महीनों तक कम हो गई — जिसको वैज्ञानिक “इम्पैक्ट विंटर” कहते हैं।

यह घटना डायनासोर का अंत और स्तनधारियों (जिनमें हम इंसान भी आते हैं) के विकास की शुरुआत बनी।

---

🌍 Chicxulub Crater क्यों महत्वपूर्ण है?

यह धरती के इतिहास का सबसे बड़ा प्रमाण है कि एक टक्कर पूरी पृथ्वी को बदल सकती है।

इससे हमें समझ आता है कि पृथ्वी पर जीवन कितनी नाज़ुक और कितनी अनोखी प्रक्रिया है।

आधुनिक विज्ञान इस क्रेटर को पढ़कर यह समझता है कि भविष्य में ऐसे टकरावों से पृथ्वी को कैसे बचाया जाए।

---

🧬 डायनासोर का अंत और नया जीवन

इस टक्कर के बाद:

लगभग 75% जीव जंतु खत्म हो गए।

डायनासोर का युग समाप्त हुआ।

लेकिन उसी अंधकार से नए जीवन का जन्म हुआ — छोटे स्तनधारी तेज़ी से विकसित हुए, और करोड़ों साल बाद मनुष्य अस्तित्व में आए।

कह सकते हैं —
“अगर यह टक्कर न होती, तो शायद आज इंसान पृथ्वी पर न होते।”

---

📍 यह गड्ढा दिखता क्यों नहीं?

Chicxulub Crater समुद्र तट के किनारे और जमीन के नीचे लगभग पूरी तरह दबा हुआ है।
आज इसके ऊपर कस्बे, जंगल और समुद्र हैं।
इसे वैज्ञानिकों ने

भूमिगत राडार

सैटेलाइट मैपिंग

समुद्री ड्रिलिंग
से खोजा और मापा है।

---

🎯 5 रोचक तथ्य (FB पर डालने लायक)

1. यह पृथ्वी का तीसरा सबसे बड़ा impact crater है।

2. टकराने वाला asteroid माउंट एवरेस्ट से भी बड़ा था।

3. टक्कर के पल में बनने वाली लहरें 3,000 फीट से ऊँची सुनामी जैसी थीं।

4. क्रेटर इतना बड़ा है कि उसमें पूरा दिल्ली या मुंबई कई बार समा जाए।

5. यदि आप युकातान जाएँ, तो आप इस crater के ऊपर खड़े होंगे — लेकिन यह दिखाई नहीं देगा!

Address

Noida

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sharnam posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category