28/09/2021
Jay bheem dosto
Kaise hai aaplog , I think acche honge,
आप लोगो को पता है।ये जातिवाद में कितना पीड़ा उठाए है। हम एक नौकरी के लिए अपना सारा साल न्योछावर कर देते है,लेकिन इन्होंने कई नौकरी जातिवाद के के कारण छोड़ दिया ।ये महाराज गयावाड सैन्य सचिव के रूप में चुने गए थे।लेकिन जातिवाद के कारण छोड़ना पड़ा, कॉमर्स एंड economics University me ये राजनीति अर्थशास्त्र के प्रोफेसर जब थे ,तब बच्चो के साथ ये तो घुल मिल गए थे but anya प्रोफेसर इनका विरोध करते थे।। Because ये नीच जाती के थे।। और हमारा धर्म भी यही कहता है
ब्राह्मण :- पुजारी , विद्वान , शिक्षक
छत्रीय:-) शासक , योद्धा ,सैनिक,
वैश्य:-) कृषि , व्यापारी, पशुपालक
शुद्र:-) सेवा परदाता
के रूप में काम कर सकते थे
लेकिन इन्होंने संविधान का निर्माण कर , इन चीजों को दूर किया
इसलिए सभी भाई एक हो जाओ।।
नही तो कोई आएगा और आपको गुलाम बना कर चला जाएगा और आप एक दूसरे को कोसते रह जाओगे , जैसा अंग्रेजो ने किया, वो अपना काम निकाल लेते थे और हम सब आपस में ही लड़ते थे, जल्दी उनके ऊपर विरोध प्रदर्शन नहीं करते थे।। क्योंकि हम कमजोर थे ।। हमे ज्ञान नही था एकता नही थी।। और आज भी ऐसा ही हो रहा है।। दूसरी की बहन अगर लूट रही हो तो बहुत मजा आता है।। जब खुद की लूटे तो खून खौलता है।।
So please sabhi log ek ho jaao
Aur ek dusare ka pura sahyog do
Yahi hai hamara dharam please is post ko jaayda share kare aur mera saath de taaki
Is desh me baithe अंधभक्तों के लिए कुछ कह सके
पोस्ट को जायदा से जायदा शेयर करे जय भीम।।जय भीम।। जय भीम।।