03/01/2020
कविता का शीर्षक - " लड़को की जिंदगी आसान नहीं होती"
यूं तो दिल में समुंदर भरा है इनके - २ ,
पर आखों में कभी नमी नहीं होती,
और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती।
घर में बड़े है या छोटे,
कंधे हमेशा जिम्मेदारियों से भरे रहते है,
अपने ही परिवार की खातिर ये अपनों से दूर रहते है।
घरवाले परेशान ना हो इनकी फ़िक्र में इसलिए,
फोन पर हर बार "मै ठीक हूं" ही कहते है।
लड़की की विदाई में तो जमाना रोता है -२ और
इनके घर छोड़ जाने की चर्चा कुछ खाश नहीं होती।
और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती ।
मां के लाडले बेटे है बेशक ,
पर अपनी अलग पहचान बनानी पड़ती है,
एक नौकरी की खातिर सैकड़ों ठोकरें खानी पड़ती हैं।
कभी हर बात में ढेरों नखरे होते थे जिनके
बाहर रहकर हर फरमाइशें भूलानी पड़ती है।
कुछ लड़को को जरुरते जगाए रखती है और
कुछ को जिम्मेदारियां सोने नहीं देती।
और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती।
फिर एक वक्त वो भी आता है , जब इन्हें प्यार होता है
एक तरफ़ गर्लफ्रेंड् तो दूसरी तरफ परिवार होता है -२
जिंदगी को चुने तो घरवाले नाराज और
और घरवालों की सुने तो सर पर बेवफाई का ताज होता है।
किसी भी हालत में उलझने इनकी काम नहीं होती।
और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती ।
किसी भी हाल में शांत रहने का हुनर इनमे कमाल होता है -२
चीजो को सोचने समझने का नज़रिया भी बेमिसाल होता है।
छोटी छोटी बातों पर ये अपना धीरज नहीं खोते ,
पर इसका मतलब ये नहीं कि इन्हें दर्द नहीं होता, इनके जज़्बात नहीं होते।
परेशानियां तो इनकी राहों में भी आती है -२
पर उनसे इनकी हिम्मत कम नहीं होती ।
और जितना सोचते है हम लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती।
यारो के ये यार कहलाते है निभाते है साथ तब भी ,
जब सब साथ छोड़ जाते है।
घर में पापा के सामने जिनकी जुबा नहीं खुलती ,
वो बाहर निगाहों से ही कमाल कर जाते है।
मां, बहन, बेटी , गर्लफ्रेंड सबसे हर रिश्ता बखूबी निभाते है,
और दोस्तो की दोस्ती से बढ़कर इनके लिए कोई चीज नहीं होती।
और जितना सोचते है हम जनाब लड़को की जिंदगी उतनी आसान नहीं होती ।