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29/03/2026

अमेरिका के लोग ईरान इज़राइल अमेरिका के युद्ध के खिलाफ़ सड़कों पर एकत्र हूं क़रीब 80 लाख लोग प्रदर्शन करते हुए।
Highlights Lekhanbaji

ईरान की रिवाल्यूशनरी गार्ड कोर ने अमेरिकी 500 सोल्जर की मरने या घायल होने का दावा किया।
28/03/2026

ईरान की रिवाल्यूशनरी गार्ड कोर ने अमेरिकी 500 सोल्जर की मरने या घायल होने का दावा किया।

🚨 ब्रेकिंग: पूरी IDF बटालियन ने हिज़्बुल्लाह के सामने सरेंडर किया - पकड़े गए सैनिक इज़राइली इलाके के अंदर कैमरे में कैद ...
28/03/2026

🚨 ब्रेकिंग: पूरी IDF बटालियन ने हिज़्बुल्लाह के सामने सरेंडर किया - पकड़े गए सैनिक इज़राइली इलाके के अंदर कैमरे में कैद हुए
एक चौंकाने वाली बात यह है कि गैलिली इलाके में ज़ोरदार लड़ाई के बाद पूरी इज़राइली बटालियन ने कथित तौर पर हिज़्बुल्लाह सेना के सामने सरेंडर कर दिया है।
बिना कन्फर्म किए लेकिन बड़े पैमाने पर सर्कुलेट हुए वीडियो में दर्जनों IDF सैनिक सरेंडर करते और आगे बढ़ रहे हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के सामने हाथ उठाते हुए दिख रहे हैं। इज़राइल का चैनल 13 उत्तर में "भारी नुकसान और कुछ जगहों पर सरेंडर" की पुष्टि कर रहा है।
हिज़्बुल्लाह मीडिया ने पकड़े गए इज़राइली इक्विपमेंट और सैनिकों को हिरासत में लिए जाने का फुटेज जारी किया है। माना जा रहा है कि यह इज़राइल के मॉडर्न मिलिट्री इतिहास में सबसे बड़ा सिंगल-यूनिट सरेंडर है।
ईरानी अधिकारियों ने "रेजिस्टेंस की हिम्मत" की तारीफ़ की है, जबकि इज़राइली मिलिट्री सोर्स सही संख्या के बारे में चुप हैं।
यह इज़राइल के लिए अपमानजनक है।
(सोर्स: चैनल 13 इज़राइल, अल जज़ीरा ऑन ग्राउंड रिपोर्ट्स, हिज़्बुल्लाह मिलिट्री मीडिया,
🚨 بریکنگ: IDF کی پوری بٹالین نے ح زب اللہ کے سامنے ہتھیار ڈال دیے - قیدی فوجیوں کو اسرائیلی علاقے کے اندر کیمرے میں دکھایا گیا
ایک چونکا دینے والی پیش رفت میں، ایک پوری اسرائیلی بٹالین نے مبینہ طور پر گیلیلی کے علاقے میں شدید لڑائی کے بعد ح زب اللہ کی افواج کے سامنے ہتھیار ڈال دیے ہیں۔
غیر مصدقہ لیکن وسیع پیمانے پر گردش کرنے والی ویڈیوز میں ح زب اللہ کے جنگجوؤں کی پیش قدمی پر درجنوں IDF فوجیوں کو ہتھیار ڈالتے اور ہاتھ اٹھاتے ہوئے دکھایا گیا ہے۔ اسرائیلی چینل 13 شمال میں "سنگین نقصانات اور الگ تھلگ ہتھیار ڈالنے" کی تصدیق کر رہا ہے۔
ح زب اللہ کے میڈیا نے قبضے میں لیے گئے اسرائیلی آلات اور فوجیوں کو حراست میں لیے جانے کی فوٹیج جاری کی ہے۔ خیال کیا جاتا ہے کہ یہ اسرائیل کی جدید عسکری تاریخ میں سب سے بڑا سنگل یونٹ سرنڈر ہے۔
ایرانی حکام نے "مزاحمت کی ہمت" کی تعریف کی ہے جبکہ اسرائیلی فوجی ذرائع صحیح تعداد کے بارے میں خاموش ہیں۔
یہ اسرائیل کے لیے ذلت آمیز ہے۔
(ذرائع: چینل 13 اسرائیل، الجزیرہ آن گراؤنڈ رپورٹس، ح زب اللہ ملٹری میڈیا،

28/03/2026

गाज़ा और लेबनान से शुरू हुई इस जंग को नेतनयाहू ने जानबूझकर ईरान तक खींचा है। दरअसल उसका असली मक़सद गाज़ा या लेबनान जीतना कभी था ही नहीं। उसका इकलौता टारगेट है किसी भी तरह अमेरिका को इस पूरे मिडिल ईस्ट की आग में घसीटना और सीधे ईरान से टकराना। यह एक ज़मीनी सच है कि इज़राइल की इकॉनमी और डिफेन्स सिस्टम लंबी जंग का बोझ उठा ही नहीं सकते। उनकी फौज़ 'रिजर्व सैनिकों' यानी आम नागरिकों पर चलती है, जिनके महीनों तक बॉर्डर पर रहने से मुल्क का आर्थिक ढांचा बुरी तरह चरमरा चुका है। फिर भी नेतनयाहू जंग रोकने के लिए तैयार नहीं है?
दरअसल नेतनयाहू को यह खौफ सता रहा है कि अगर उसने आज जंग रोक दी, तो अगले 5-10 सालों में इज़राइल का वजूद ही हमेशा के लिए मिट जाएगा। तब तक हिज़्बुल्लाह और हमास दोबारा और भी ज़्यादा ताक़तवर होकर खड़े हो जाएंगे, और सबसे बड़ा डर ये है कि ईरान एक मुकम्मल न्यूक्लियर पावर बन चुका होगा। इज़राइल यह अच्छी तरह जानता है कि वो अकेले अपने दम पर ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को कभी खत्म नहीं कर सकता। इसीलिए नेतनयाहू ने इस जंग को जानबूझकर इतना भड़काया कि ट्रंप को मजबूरन ईरान पर शुरुआती हमला करना पड़ा। इसे मिलिट्री एक्सपर्ट्स की भाषा में 'सैमसन ऑप्शन' कहते हैं—यानी अपना वजूद बचाने के लिए सुपरपावर अमेरिका के कंधों पर बंदूक रखकर चलाना और उसे अपनी जंग में झोंक देना।
दूसरी तरफ ईरान है। इस जंग में उनका भयंकर नुकसान हो रहा है, लगातार बड़ी शहादतें हो रही हैं, लेकिन जिस हौसले और जज़्बे के साथ वो इस ज़ुल्म के सामने सीना ताने खड़े हैं, वो वाक़ई इतिहास में सुनहरे हर्फों में दर्ज होने वाली बात है। ईरान महज़ जज़्बात में नहीं लड़ रहा, बल्कि वो एक 'थकाने की जंग' (War of Attrition) लड़ रहा है, और अगर ज़मीनी हक़ीक़त देखें, तो ईरान इज़राइल को खोखला करने में काफी हद तक कामयाब भी हो रहा है। ईरान जानता है कि सीधी जंग में अमेरिका की ताक़त बड़ी है, इसलिए उसकी रणनीति पूरी तरह से इज़राइल को आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से इतना तोड़ देने की है कि वहां के नागरिक खुद अपना देश छोड़कर भागने लगें। ईरान ने इज़राइल की इकॉनमी, टूरिज़्म और समाज के उस 'सुरक्षित' होने के गुरूर को इतनी बुरी तरह तोड़ दिया है कि इज़राइली नागरिक अब रिवर्स माइग्रेशन (देश छोड़ने) के लिए मजबूर हो रहे हैं।
इसके अलावा, पर्दे के पीछे ईरान का जो सबसे बड़ा मक़सद है वो 'वैचारिक लीडरशिप' का है। ईरान अरब के बादशाहों या हुक्मरानों को अपने पाले में लाना ही नहीं चाहता। उसका सीधा टारगेट है 'अरब की आम अवाम'। आज जब सुन्नी अरब मुल्कों के हुक्मरान खामोश बैठे हैं, तब एक शिया मुल्क फिलिस्तीन के लिए बम खा रहा है।
ईरान अपनी इस बर्बादी की कीमत चुकाकर तमाम इंसाफ पसंद और अरब की सड़कों पर 'हीरो' बन रहा है और पूरी मुस्लिम उम्मत की Ideological Leadership हासिल कर रहा है।

03/11/2025

Aquib Nabi

01/11/2025
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24/10/2025

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13/08/2025

2025 Asia Cup

लंदन की सड़कों पर विराट कोहली बॉलीवुड अभिनेता शाश किरण के साथ नजर आए। विराट के चेहरे पर सफेद दाढ़ी देखकर ऐसा महसूस हुआ, ...
09/08/2025

लंदन की सड़कों पर विराट कोहली बॉलीवुड अभिनेता शाश किरण के साथ नजर आए। विराट के चेहरे पर सफेद दाढ़ी देखकर ऐसा महसूस हुआ, मानो एक नए दौर की शुरुआत होने को आई है। 36 वर्षीय विराट कोहली से BCCI उनके वनडे करियर को लेकर बात करने वाला है। यह खबर मीडिया में सूत्रों के हवाले से जानबूझकर फैलाई गई है। दिल दहल रहा है कि जल्द ही हमें एक और रिटायरमेंट की खबर सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप शायद विराट कोहली के लिए एक नई प्रेरणा होगी।

अर्शदीप सिंह को नेट अभ्यास के दौरान गेंदबाजी करने वाले हाथ में चोट लग गई। अगले 2 टेस्ट में उनका खेलना मुश्किल लग रहा है।...
18/07/2025

अर्शदीप सिंह को नेट अभ्यास के दौरान गेंदबाजी करने वाले हाथ में चोट लग गई। अगले 2 टेस्ट में उनका खेलना मुश्किल लग रहा है। (एक्सप्रेस स्पोर्ट्स)

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