16/01/2026
# #नशा करे नाश
इस बात से कोई मतलब नहीं की कोई - कौन सा नशा करते हैं , कितनी मात्रा में करते हैं , कितनी दिनों में करते हैं , किन सावधानियों के साथ करते हैं - नशा जहर हैं - नशा करेगा नाश - और सिर्फ नशा करने वाले के शरीर का ही नहीं , उसके परिवार का , उसके कुटुंब का , उसके समाज का और अंत में देश का। अगर कोई शतायु रहना चाहते चाहते हैं तो नशा से १०० कोस दूर रहे। नशे करने वालों के साथ भी ना रहे। आपका शरीर बहुत से महत्वपूर्ण कार्यो को करने के लिए बना हैं और नशा तो बिलकुल ही वो काम नहीं।
क्या कोई डिस्काउंटेड लाइफ जीना चाहता हैं ? - क्या आप चाहते हैं की आपके लाइफ पर ६०% डिस्काउंट हो तो ड्रग्स ले , अगर ३०% डिस्कोउंट चाहिए तो दारू पिए , इसी तरह धुआ और तम्बाकू लेने वालो के जीवन पर बड़ी मात्रा में डिस्कोउंट हैं। शतायु होना तो दूर, नशा करने वाला अपने जीवन को हर नशे के साथ छोटा और छोटा करता जाता हैं।
क्या नशे से मुक्त लोग खुशहाल नहीं ? - क्या आपके आसपास सैकड़ो हज़ारों ऐसे लोग नहीं हैं जो कोई नशा नहीं करते , पर हर तरह से खुशहाल हैं। उनके जीवन में नशे का कोई नाम नहीं। आपकी माँ , बीवी , बहन, हो सकता हैं कभी नशे की चीज़े देखी भी नहीं हो , क्या वो जीवित नहीं हैं ? नशा करने वाले को ऐसा क्यों लगता हैं की नशे के बग़ैर वो जी नहीं सकता।
ये दलीले हैं बेफिज़ूल -
मैंने लोगों को ये कहते सुना हैं - अमुक आदमी ताउम्र नशा किया और लंबी उम्र तक उसको कोई रोग नहीं हुआ। बिलकुल गलत - किसी एक ने दस मंज़िल से छलांग लगाई और उसको कुछ नहीं हुआ , क्या आप भी ये करतब आज़माना चाहेंगे? दूसरे के साथ कुछ नहीं हुआ तो इसका ये मतलब नहीं की आपके साथ भी सब अच्छा होगा।
मैंने लोगों को ये कहते सुना हैं - ज़िन्दगी में हर चीज़ करके देखो। आप समाज सेवा करके देखो , अपने कमाई का ७५% गरीबों में दान करके देखो , नया कोई अविष्कार करके दिखाओ, एक महाकाव्य की रचना करके दिखाओ , अपने परिवार , गांव , देश का नाम रोशन करके दिखाओ - क्यों ये काम ज़िन्दगी में एक बार नहीं करना ? लेकिन गलत काम ज़रूर करके देखना हैं।
मैंने लोगों को ये कहते सुना हैं - अच्छा खान पान रहे तो नुकसान नहीं होता। बिलकुल ग़लत , आपके खान पान से नशा का कोई सरोकार नहीं , नशा को शरीर के किसी न किसी अंग को ख़राब ज़रूर करेगा। कितना और कैसे ये अलग अलग लोगों पर निर्भर करता हैं।
मैंने लोगों को ये कहते सुना हैं - अच्छे ब्रांड का नुक़सान नहीं करता। ज़हर किसी ब्रांड का हो नुकसान करता ही है , अगर ये नुकसान न करे तो काम भी नहीं करेगा। ऐसे समाज में जहाँ पानी और हवा भी दूषित हैं आप नशे की क़्वालिटी देखते हैं ?
नशा छोड़ना हैं आसान - नशेड़ी का नशा सिर्फ दिमाग़ की फितूर हैं , कोई भी दृण संकल्पी इंसान एक सेकेंड में नशे की तिलांजली दे सकता हैं। बस मन बना ले - अब और नहीं - बंद तो बंद। कोई इंसान जो नशा शुरू कर सकता हैं वो नशा छोड़ भी सकता हैं।
अगर कोई नशे के लिए बेकार किये गए पैसे और समय का सदुपयोग करे , तो वो अपना और अपने परिवार का बेहतर ख्याल रख सकता हैं।
बहुत से पुण्यों के बाद मानव जीवन मिलता हैं , ये तुच्छ किस्म के लतो में ख़राब करने के लिए नहीं हैं।
नशा में हैं मज़ा , पर देगा तुमको ये सज़ा
जब आएगी तुम्हारी कज़ा , कोई नहीं पायेगा बचा !!