31/10/2023
जीवन परिचय – मनोहर श्याम जोशी का जन्म सन 1935 में कुमाऊँ में हुआ था। ये लखनऊ विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक थे। इन्होंने दिनमान पत्रिका में सहायक संपादक और साप्ताहिक हिंदुस्तान में संपादक के रूप में काम किया। सन 1984 में भारतीय दूरदर्शन के प्रथम धारावाहिक ‘हम लोग’ के लिए कथा-पटकथा लेखन शुरू किया। ये हिंदी के प्रसिद्ध पत्रकार और टेलीविजन के धारावाहिक लेखक थे। लेखन के लिए इन्हें सन 2005 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सन 2006 में इनका दिल्ली में देहांत हो गया।
रचनाएँ – मनोहर श्याम जोशी की प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं –
कहानी – संग्रह-कुरु कुरु स्वाहा, कसप, हरिया हरक्यूलीज की हैरानी, हमजाद, क्याप।
व्यंग्य – संग्रह-एक दुर्लभ व्यक्तित्व, कैसे किस्सागो, मंदिर घाट की पौड़ियाँ, टा-टा प्रोफ़ेसर षष्ठी वल्लभ पंत, नेता जी कहिन, इस देश का प्यारों क्या कहना।
साक्षात्कार लेख-संग्रह – बातों-बातों में, इक्कीसवीं सदी।
संस्मरण-संग्रह – लखनऊ मेरा लखनऊ, पश्चिमी जर्मनी पर एक उड़ती नजर।
दूरदर्शन धारावाहिक – हम लोग, बुनियाद, मुंगेरी लाल के हसीन सपने।सिल्वर वैडिंग – शादी की रजत जयंती जो विवाह के पच्चीस वर्ष बाद मनाई जाती है। मातहत – अधीन। जूनियर – कनिष्ठ, अधीनस्थ। निराकरण – समाधान। परपरा – प्रथा। बदतमीजी – अशिष्ट व्यवहार। चूनेदानी – पान खाने वालों का चूना रखने का बरतन। धृष्टता – अशिष्टता। बाबा आदम का जमाना – पुराना समय। नहले पर दहला – जैसे को तैसा। दाद-प्रशंसा। ठठाकर – जोर से हँसकर। ठीक-ठिकाना – उचित व्यवस्था। चोंचले – आडंबरपूर्ण व्यवहार। माया-धन – दौलत, सांसारिक मोह। इनसिष्ट – आग्रह। चुग्गे भर – पेट भरने लायक। जुगाड़ – व्यवस्था। नगण्य – जो गिनने लायक न हो। सेक्रेट्रिएट – सचिवालय। नागवार – अनुचित। निहायत-एकदम। अफोड – सहन करना, क्रय –शक्ति के अंदर। इसरार – आग्रह। गय-गयाष्टक – इधर-उधर की बेकार की बातचीत। विरुदध – विपरीत। प्रवचन – धार्मिक व्याख्यान। निहायत – अत्यंत। फिकरा – वाक्यांश। पेंच – कारण। स्कालरशिप – छात्रवृत्ति। उपेक्षा – तिरस्कार का भाव। तरफ़दारी – पक्ष लेना। मातृसुलभ – माताओं की स्वाभाविक मनोदशा। मॉड – आधुनिक। जिठानी – पति के बड़े भाई की पत्नी।
तार्द्ध – पिता के बड़े भाई की पत्नी। ढोंग – ढकोसला, आडंबरपूर्ण आचरण। आचरण – व्यवहार। अनदेखा करना – ध्यान न देना। नि:श्वास – लंबी साँस। डेडीकेट – समर्पित। रिटायर – सेवा-निवृत्त। उपकृत – जिन पर उपकार किया गया है। येशकश – प्रस्तुत। बिरादर – जाति-भाई। खुराफात – शरारती कार्य। विरासत – उत्तराधिकार। मौज –आनंद। पुश्तैनी – पैतृक, खानदानी। लोक – संसार। बाध्य – मजबूर। मयदिा पुरुष – परंपराओं एवं आस्थाओं को मानने वाला। बाट – पगडंडी। जनादन – ईश्वर। सर्वथा – पूरी तरह से। बुजुर्गियत – बड़प्पन। बुढ़याकाल – वृद्धावस्था। एनीवे – किसी भी तरह। प्रवचन – भाषण। लहजा – ढंग। भाऊ – बच्चा। पट्टशिष्य – प्रिय छात्र। निष्ठा – आस्था। जन्यो पुन्यू – जनेऊ बदलने वाली पूर्णिमा। कुमाऊँनियों – कुमाऊँ क्षेत्र के निवासी। दुराग्रह – अनुचित हठ। एक्सपीरिएस – अनुभव। सबस्टीट्यूट – विकल्प। कुहराम – शोर-शराबा। वक्तव्य – कथन। नुक्तचीनी – छोटी-छोटी कमी निकालना। कारपेट – फ़र्श का कालीन। मर्तबा-बार। हुप्रॉपर – अनुचित। तरफदारी करना – पक्ष लेना। खिजाब – बालों को काला करने का पदार्थ। माहवार – महीना। मिसाल – उदाहरण। भव्य – सुंदर। सपन्न – मालदार। हरचद – बहुत अधिक। अनमनी – उदासी-भरी। मासाहारी – मांस खाने वाला। सध्या करना – सूर्यास्त के समय पूजा करना। रवैया – व्यवहार। आमादा – तत्पर होना। खिलाफ – विरुद्ध। लिमिट – सीमा। ग्रेजेंट – उपहार। ना-नुच करना – आनाकानी करना।
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